ब्रिटिश खुफिया एजेंसी एमआई6 की पहली महिला प्रमुख ब्लेज मेट्रेवेली
British Spy MI6 Latest News: ब्रिटेन की सबसे बड़ी खुफिया एजेंसी MI6 के 115 साल के इतिहास में पहली बार किसी महिला को इसकी कमान मिली है. मोसाद से लेकर सीआईए तक उनकी चर्चा हो रही है. दोनों एजेंसियां परेशान हैं कि स्टारमर सरकार ने इतना बड़ा फैसला कैसे ले लिया दरअसल, ब्रिटिश पीएम कीर स्टारमर की सरकार ने ब्लेज मेट्रेवेली को MI6 का प्रमुख नियुक्त किया है.
ब्लेज मेट्रेवेली को ऐसे समय में ब्रिटेन की सबसे बड़ी खुफिया एजेंसी की जिम्मेदारी मिली है, जब यूनाईटेड किंगडम सबसे ज्यादा खतरों का सामना कर रहा है. ब्लेज मेट्रेवेली लंबे समय से एमआई 16 से जुड़ी हैं. वह रिचर्ड मूर की जगह लेंगी. रिचर्ड मूर 2020 से एमआई6 के प्रमुख के रूप में काम कर रहे हैं.
वर्तमान में ब्लेज मेट्रेवेली MI6 के प्रौद्योगिकी प्रभाग की प्रमुख हैं. अपनी नियुक्ति पर प्रतिक्रिया देते हुए, मेट्रेवेली ने कहा, "मुझे अपनी सेवा का नेतृत्व करने के लिए कहा जाना गर्व और सम्मान की बात है."
प्रधानमंत्री कीर स्टारमर के एक बयान के अनुसार दो दशकों से अधिक के अनुभव वाली वरिष्ठ खुफिया अधिकारी ब्लेज मेट्रेवेली इस साल के अंत में प्रमुख का पद संभालेंगी. उन्होंने कहा, "ब्लेज मेट्रेवेली की ऐतिहासिक नियुक्ति ऐसे समय में हुई है, जब हमारी खुफिया सेवाओं का काम पहले से कहीं ज्यादा महत्वपूर्ण हो गया है. यूनाइटेड किंगडम बड़े पैमाने पर खतरों का सामना कर रहा है."
27 साल से हैं MI6 का हिस्सा
47 वर्षीय मेट्रेवेली ने 1999 में MI6 के साथ अपना करियर शुरू किया था और वर्तमान में इसके प्रौद्योगिकी और नवाचार विभाग की महानिदेशक के रूप में काम करती आई हैं. मेट्रेवेली ने द गार्जियन के हवाले कहा, "MI6 ब्रिटिश लोगों को सुरक्षित रखने और विदेशों में UK के हितों को बढ़ावा देने में MI5 और GCHQ के साथ महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. मैं MI6 के बहादुर अधिकारियों और एजेंटों और हमारे कई अंतरराष्ट्रीय भागीदारों के साथ मिलकर उस काम को जारी रखने के लिए उत्सुक हूं."
क्या है एमआई6?
एमआई ब्रिटेन की खुफिया सेवा की प्रमुख एजेंसी है. इसे MI6 के नाम से जाना जाता है. इस एजेंसी पर ब्रिटेन की विदेशी खुफिया जानकारी एकत्र करने की है. यह सरकार को देश की राष्ट्रीय सुरक्षा और आर्थिक भलाई को बढ़ावा देने और बचाव करने के लिए इंटरनेशनल लेवल पर गुप्त जानकारी मुहैया कराती है. एमआई6 एसआईएस विदेश, राष्ट्रमंडल और विकास कार्यालय के साथ काम करता है.
कलकत्ता हाईकोर्ट
पश्चिम बंगाल में शिक्षा जगत से जुड़ा एक बड़ा विवाद आज अदालत के फैसले के साथ शांत हुआ. Calcutta High Court ने 32,000 प्राथमिक शिक्षकों की नियुक्तियों को बहाल कर, उनकी नौकरी को सुरक्षित कर लिया है. एक ऐसा फैसला जिसने हजारों परिवारों की राहत कर दी. नौ साल पहले हुए TET-आधारित भर्तियों को लेकर “भर्तियों में गड़बड़ी” के आरोप के बाद उन्हें हटाए जाने की प्रक्रिया पर अदालत ने विराम लगाया.
कलकत्ता हाईकोर्ट के जस्टिस तपोब्रत चक्रवर्ती और जस्टिस रीतब्रतकुमार मित्रा की डिवीजन बेंच ने तत्कालीन जस्टिस अभिजीत गंगोपाध्याय की सिंगल बेंच के आदेश को खारिज कर दिया है. उस आदेश में 32 हजार प्राथमिक शिक्षकों की नियुक्तियां रद्द करने का निर्देश दिया गया था.
हाईकोर्ट का फैसला आने के बाद पश्चिम बंगाल के हायर एजुकेशन मिनिस्टर ब्रात्या बासू ने प्राइमरी टीचर्स को बधाई दी है. उन्होंने कहा, 'आज हाईकोर्ट के आदेश पर प्राइमरी एजुकेशन बोर्ड को बधाई. हाईकोर्ट की सिंगल बेंच ने 2023 का आदेश पलट दिया. अब 32 हजार प्राइमरी टीचर्स की नौकरी सुरक्षित है. शिक्षकों को भी बधाई. सत्य की जीत हुई.
12 मई 2023 को तत्कालीन जस्टिस अभिजीत गंगोपाध्याय ने भर्ती प्रक्रिया में अनियमितताओं का हवाला देते हुए 32 हजार प्राइमरी टीचर्स की नियुक्तियां रद्द करने का आदेश दिया था. याचिकाकर्ताओं का आरोप था कि कम रैंक वाले कई उम्मीदवारों को पैसे लेकर नौकरी दिलाई गई और कई नियुक्तियां उचित साक्षात्कार के बिना या अप्रशिक्षित उम्मीदवारों की की गई थीं.
साल 2014 में टीचर्स एलिजिबिलिटी टेस्ट के जरिए 42,500 प्राइमरी टीचर्स की नियुक्ति हुई थी, जिनमें से 32 हजार की नियुक्ति रद्द करने का आदेश हाईकोर्ट ने दिया था. जस्टिस अभिजीत गंगोपाध्याय ने राज्य सरकार को दोबारा भर्ती प्रक्रिया शुरू करने और तीन महीने के अंदर भर्तियां कराने का आदेश दिया था.
सिंगल बेंच के इस आदेश पर जस्टिस सुब्रता तालुकदार और जस्टिस सुप्रतिम भट्टाचार्य ने रोक लगा दी थी और राज्य सरकार को छह महीने के अंदर भर्ती प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश दिया था. हाईकोर्ट के इस आदेश को राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी. सुप्रीम कोर्ट ने 32 हजार शिक्षकों की नौकरी रद्द करने के फैसले पर स्टे लगा दिया और मामला हाईकोर्ट के पास वापस भेज दिया. 12 नवंबर को जस्टिस तपोब्रत चक्रवर्ती और जस्टिस रीतब्रतकुमार मित्रा ने मामले की सुनवाई पूरी की.
सैम पित्रोदा
कांग्रेस नेता और राजीव गांधी के करीबी माने जाने वाले सैम पित्रोदा एक बार फिर अपने बयान को लेकर विवादों में आ गए हैं. पाकिस्तान पर दिए उनके ताजा बयान ने सियासी गलियारों में आग लगा दी है. बीजेपी ने इसे सैनिकों के सम्मान पर हमला बताते हुए कांग्रेस को कठघरे में खड़ा कर दिया और कहा कि ये बयान शहीदों के बलिदान का अपमान है.
भाजपा प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में इसे 'राष्ट्र-विरोधी' बताया और आरोप लगाया कि पित्रोदा ने सोनिया और राहुल गांधी के इशारे पर ऐसा कहा है. उन्होंने कहा, 'क्या कोई देशभक्त कभी कह सकता है कि आतंकी देश पाकिस्तान उनके लिए घर जैसा है? लेकिन राहुल गांधी के एक करीबी सहयोगी, जो गांधी परिवार की रणनीति तय करते हैं, जिनका गांधी परिवार के साथ 30 साल पुराना रिश्ता है, कहते हैं कि उन्हें पाकिस्तान घर जैसा लगता है.'
140 करोड़ भारतीयों का अपमान
प्रदीप भंडारी ने आरोप लगाते हुए कहा, 'मुझे लगता है कि कांग्रेस नेतृत्व सैम पित्रोदा से यह कहलवा रहा है. यह हमारे सैनिकों और 140 करोड़ भारतीयों का अपमान है. अगर यह बयान राष्ट्र-विरोधी नहीं है तो क्या है? आईएसआई एजेंट शाहिद अफरीदी ने कुछ दिन पहले राहुल गांधी को अपना आदर्श बताया था और अब राहुल के करीबी सहयोगी का कहना है कि पाकिस्तान उनके लिए घर जैसा है.'
उन्होंने कहा, 'कुछ समय पहले, राहुल गांधी ने कहा था कि वह भारतीय राज्य से लड़ना चाहते हैं. वे पाकिस्तान को अपना घर कहते हैं और भारत की संप्रभुता का अपमान करते हैं.'
सैम पित्रोदा ने क्या कहा कि भड़क गई बीजेपी
सैम पित्रोदा ने एक इंटरव्यू के दौरान पड़ोसी देश के साथ भारत के संबंधों को लेकर जोर देते हुए कहा कि भारत को अपने पड़ोसियों को प्राथमिकता देनी चाहिए. साथ ही हिंसा और आतंकवाद जैसी चुनौतियों के बावजूद उन्हें समर्थन और सहयोग देना चाहिए. मेरे हिसाब से विदेश नीति से पहले पड़ोस पर ध्यान देना चाहिए. क्या हम वाकई अपने पड़ोसियों के साथ संबंधों में सुधार ला सकते हैं? वे सभी छोटे देश हैं और उन्हें मदद की जरूरत है. वे सभी कठिन दौर से गुजर रहे हैं और हमें लड़ने की कोई जरूरत नहीं है. जाहिर है कि हिंसा और आतंकवाद की समस्या है, ये सब तो है, लेकिन आखिरकार उस पड़ोस में एक ही जीन पूल है. मैं पाकिस्तान, बांग्लादेश और नेपाल गया हूं. मुझे ऐसा नहीं लगता कि मैं किसी विदेशी देश में हूं.'
Ahmedabad Plane Crash में जिंदा बचे विश्वास कुमार का सच
देश का दिल कांप गया, हर आंख नम हो गई और आसमान से आई एक खबर ने पूरे भारत को झकझोर कर रख दिया। गुजरात के अहमदाबाद से लंदन जा रही एयर इंडिया की फ्लाइट AI171… टेक ऑफ के सिर्फ 35 सेकेंड बाद हादसे का शिकार हो गई..इस हादसे में 241 लोग हमेशा के लिए हमसे जुदा हो गए। ये सिर्फ एक क्रैश नहीं था… ये 241 परिवारों की जिंदगी में आई ऐसी सुनामी थी… जिसका दर्द शब्दों में बयां करना नामुमकिन है देखिए हमारी पूरी रिपोर्ट